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Friday, January 30, 2026

बहराइच अस्पताल लापरवाही: मृत व्यक्ति का 11 दिन तक इलाज, परिजनों से वसूले लाखों रुपये , हंगामे के बाद खुली पोल

बहराइच अस्पताल लापरवाही: मृत व्यक्ति का 11 दिन तक इलाज, परिजनों से वसूले लाखों रुपये

बहराइच अस्पताल लापरवाही

बहराइच में एक अस्पताल की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां एक सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसे 11 दिनों तक इलाज के नाम पर अस्पताल में भर्ती रखा गया। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने परिजनों से लाखों रुपये वसूले। मामला सामने आने के बाद लोगों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।

हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती

बहराइच के रिसिया थाना क्षेत्र के पटना गांव निवासी एक व्यक्ति 11 दिन पहले सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। आसपास के लोगों ने उसे मल्हीपुर रोड स्थित बिटाना एंड चंद्रावती हॉस्पिटल में भर्ती कराया। मृतक की पत्नी रेशमा के अनुसार, अस्पताल ने इलाज के लिए लगातार पैसे की मांग की, जिसके चलते उन्होंने दो बीघा खेत बेचकर नकदी जमा की।

बहराइच अस्पताल लापरवाही: 11 दिन तक मृत व्यक्ति का इलाज

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने मृतक को जिंदा बताकर आईसीयू में भर्ती रखा और हर दिन 14,000 रुपये बेड चार्ज लिया। इसके अलावा, दवाइयों के लिए अलग से रकम मांगी गई। महिला ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने शनिवार को और दवा व सर्जरी के लिए लाखों रुपये की मांग की।

परिजनों ने किया विरोध, अस्पताल में हंगामा

जब परिजनों ने मरीज को देखने की इच्छा जताई, तो अस्पताल प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद परिजन और ग्रामीणों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जब मरीज को बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल ले जाया गया, तो वहां के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

यह खबर फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया, और उन्होंने अस्पताल में हंगामा कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों के बीच झड़प भी हुई।

प्रशासन की कार्रवाई, पुलिस बल तैनात

हंगामे की सूचना मिलने पर एसडीएम पूजा चौधरी, सीओ सिटी रमेश कुमार पांडेय, और कोतवाली देहात, रिसिया व दरगाह थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी और ग्रामीणों को शांत कराया।

परिजनों का आरोप: डॉक्टर ने उंगली हिलाकर दिखाया जिंदा

मृतक की पत्नी रेशमा ने मीडिया को बताया कि शनिवार को जब उन्होंने अपने पति को देखने की कोशिश की, तो डॉक्टर ने ICU में हाथ से मरीज की उंगली हिलाई और कहा कि वह जीवित है। इसके बाद उन्होंने ऑपरेशन की बात कही, जिससे परिजनों को संदेह हुआ। जब उन्होंने जोर दिया, तो अस्पताल ने मरीज को बाहर निकाल दिया।

पोस्टमार्टम के बाद होगी कार्रवाई

रात 8 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एसडीएम पूजा चौधरी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में अभी तक कोई सफाई नहीं दी है।

बहराइच अस्पताल लापरवाही पर उठे सवाल

यह घटना बहराइच के स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि जांच में अस्पताल दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। परिजनों की मांग है कि इस मामले में न्याय मिले और दोषियों को सजा दी जाए।

 

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